भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य हिंदी में

Table of contents 

  • भारत में क्रिप्टो करेंसी का भविष्य क्या है?
  • भारत में क्रिप्टो करेंसी का कितना बड़ा मार्केट है?
  • क्रिप्टोकरंसी पर भारत में कब और क्या हुआ?
  • क्रिप्टोकरंसी पर किस देश का क्या कहना है?
  • क्रिप्टो करेंसी और डिजिटल करेंसी में क्या अंतर है?
  • आपने क्या सीखा?

 भारत में क्रिप्टो करेंसी का भविष्य क्या Future of Cryptocurrancy in india in hindi - 

क्या होगा भारत में क्रिप्टोकरंसी का भविष्य यह बात हर कोई क्रिप्टो करेंसी यूज़र जानना चाहता है। तो हम आज आपके लिए इस आर्टिकल में क्रिप्टो करेंसी का भविष्य क्या होगा इसके बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश करेंगे। तो आइए जान लेते हैं - 
अब यह बात तो तब तय होगी जब संसद में बिल पेश होगा। तब ही इस बात पर पूरी तरह से बताया जा सकता है। क्योंकि बहुत जल्दी ही संसद में क्रिप्टोकरंसी रेगुलेशन को लेकर बिल पेश होने वाला है। इसी वजह से क्रिप्टो करेंसी यूजर के मन में यह सवाल है कि क्या क्रिप्टोकरंसी पर बैन लग जाएगा। या क्रिप्टोकरेंसी भारत में लीगल हो जाएगी। और अगर क्रिप्टोकरंसी पर बैन लग जाएगा। तो क्रिप्टोकरंसी यूजर के पैसे का क्या होगा। तो हम आपको पूरी जानकारी के बाद बताते हैं कि अगर क्रिप्टोकरंसी पर बैन लग गया तो आप क्रिप्टो करेंसी में निवेश नहीं कर सकते और क्रिप्टोकरंसी को बेचकर डॉलर या रुपयों में conword नहीं कर सकते हैं।

क्रिप्टो करेंसी का भारत में कितना बड़ा मार्केट है  Cryptocurrancy market in india in hindi - 

आपको जानकर हैरानी होगी कि 10 करोड़ लोगों ने क्रिप्टोकरंसी में पैसा इन्वेस्ट कर रखा है।  इस वक्त क्रिप्टोकरंसी में लोगों का पैसा करीब 6 लाख करोड़ लगा हुआ है। और हर एक निवेशक का करीब ₹9000 क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट है। और इनमें से 60 फ़ीसदी निवेशक ऐसे हैं जो कि छोटे-छोटे शहरों से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के लिए आए हैं। और ज्यादातर निवेशकों की उम्र 24 वर्ष है इसका मतलब है। कि ज्यादातर युवा क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट कर रहे हैं।

क्रिप्टोकरंसी पर भारत में कब और क्या हुआ Cryptocurrancy in india in hindi -  

2018 में आरबीआई ने क्रिप्टोकरंसी पर बैन लगा दिया था। लेकिन धीरे-धीरे मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचा। तो सुप्रीम कोर्ट ने बैन हटा दिया। लेकिन अभी भी पूरी तरह से क्रिप्टोकरंसी भारत में लीगल नहीं हुई है। मतलब सरकार अभी भी इसका निर्णय कर रही है। 13 नवंबर 2021 को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिप्टोकरंसी के ऊपर बैठक की। 15 नवंबर 2021 को संसद समिति में रेगुलेट करने पर बातचीत हुई। और 18 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री महोदय ने क्रिप्टोकरंसी के ऊपर एक बार फिर चिंता जाहिर की।

क्रिप्टोकरंसी पर किस देश का क्या कहना है Cryptocurrancy country by country - 

भारत में अल सल्वाडोर ने बिटकॉइन को लीगल टेंडर घोषित कर दिया। और क्रिप्टोकरंसी को लेकर भारत में अभी भी गंभीर चिंताएं है। चीन में क्रिप्टोकरंसी के ऊपर लगातार विरोध ही होता रहा है। और अमेरिका क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी नीति बना रही है। 

क्रिप्टो करेंसी और डिजिटल करेंसी में क्या अंतर है Different between Cryptocurrancy and digital currency in hindi  - 

क्रिप्टो करेंसी - 
क्रिप्टोकरंसी एक डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी है। और इसे ना छू सकते हैं और ना ही पर्स में रख सकते हैं। और इसे सिर्फ ऑनलाइन रख सकते हैं और देख सकते हैं। और दुनिया की किसी भी सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है।

डिजिटल करेंसी - 
डिजिटल करेंसी को आरबीआई या किसी भी देश की सेंट्रल बैंक ही जारी करती है। और इस करेंसी पर आरबीआई का पूरा कंट्रोल होता है। और डिजिटल करेंसी की कीमतों पर सेंट्रल बैंक यानी आरबीआई का कंट्रोल रहता है।

निष्कर्ष -

आज हमने जाना है क्रिप्टो करेंसी का भारत में भविष्य क्या हो सकता है। क्रिप्टो करेंसी का भारत में कितना बड़ा मार्केट है। क्रिप्टो करेंसी पर किस देश का क्या कहना है। क्रिप्टोकरंसी और डिजिटल करेंसी में क्या अंतर होता है।
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