ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी पर निबंध Blockchain technology essay in hindi

 ब्लॉकचेन तकनीकि पर निबंध Blockchain technology  essay in hindi - 

प्रस्तावना - 

अब पूरी दुनिया में धीरे-धीरे डिजिटल तकनीक का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग होने लगा है। और इसी डिजिटल तकनीक को देखते हुए हमारे गांव कस्बे के लोग डिजिटली होने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। और इसी कारण के चलते हुए डिजिटल डाटा की संख्या में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। ब्लॉकचेन तकनीकि एक ऐसी प्रक्रिया है। जो समस्याओं को देखते हुए एक अच्छे विकल्प के रूप में लोगों के सामने उभरकर और आई है। 

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी नाम कैसे पड़ा Blockchain technology name kaise pada in hindi - 

जैसा कि ब्लॉकचेन नाम सुनते ही हमें लगता है कि ब्लॉकचेन दो शब्दों से मिलकर बना है जो कि निम्नलिखित हैं - 

  1. ब्लॉक (Block) 
  2. चेन (Chain) 
ब्लॉक का मतलब होता है आसान भाषा में समझे तो बॉक्स या डिब्बा जिसमें लोगों द्वारा ट्रांजैक्शन की हुई जानकारी एकत्र होती है। और चैन का मतलब होता है। एक दूसरे से जुड़ना जिससे कि एक चैन बनती चली जाती है। जब एक ब्लॉक में डाटा इकट्ठा होता है। और वह ब्लॉक डाटा से भर जाता है। तो दूसरा ब्लॉक जुड़ जाता है और उसमें डाटा इकट्ठा होने लगता है। ऐसे ही ब्लॉक जुड़ते चले जाते हैं और डाटा अलग-अलग इकट्ठा होता रहता है। इस तकनीकी को हम ब्लॉकचेन टेक्नॉलॉजी कहते हैं।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है What is blobkchain technology in hindi    

अगर हम आसान भाषा में समझें तो ब्लॉकचेन एक ऐसी टेक्नोलॉजी है। जो क्रिप्टोकरंसी में किए हुए किसी भी ट्रांजैक्शन का डाटा रखती है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को क्रिप्टोकरंसी के अलावा किसी भी चीज को ऑनलाइन करने के लिए किया जा सकता है। और इस ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में किसी भी थर्ड पार्टी जैसे बैंक सरकार किसी का हाथ नहीं होता है। इसमें डाटा बहुत से कंप्यूटरों द्वारा सुरक्षित रखा जाता है। अगर एक बार आपका डाटा ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में रिकॉर्ड हो गया। तो फिर उसको बदलना नामुमकिन हो जाता है और इस डाटा को हैक करना लगभग नामुमकिन है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के लाभ Advantage of blockchain technology in hndi -    

  1.  इसमें डाटा बैंक के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित रहता है।
  2. इसमें डाटा से छेड़छाड़ करना लगभग नामुमकिन है।
  3. इसमें किसी थर्ड पार्टी की आवश्यकता नहीं होती है।
  4. इसमें डाटा एक जगह इकट्ठा ना होकर बल्कि कई अलग-अलग जगहों पर इकट्ठा होता है। इसीलिए यह ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी का आविष्कार invention of blockchain technology - 

सबसे पहले ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को स्टुअर्ट हैबर और डब्लू स्काट द्वारा वर्ष 1991 में समझाया गया था। फिर 1992 में बायर इनके साथ कार्य करने में शामिल हो गए और उस समय इसका उद्देश्य सिर्फ दस्तावेज को डिजिटल करना और उसके साथ छेड़छाड़ करना को रोकना था।

ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी का सबसे पहले इस्तेमाल -  

सबसे पहले ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल वर्ष 2009 में सतोशी नाकामोतो ने बिटकॉइन का आविष्कार करने में किया। और उसी समय से ब्लॉकचेन टेक्नॉलॉजी लोगों के सामने उभर कर आने लगी। ऐसा भी हो सकता है कि आने वाले कई वर्षों तक ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी चर्चा में बनी रहे। और इस समय ब्लॉकचेन टेक्नॉलॉजी बहुत ही ज्यादा चर्चा में है।

क्या होता है ब्लॉकचेन वॉलेट kya hota hai blockchain wallet in hindi -  

यह एक डिजिटल वालेट होता है। यह डिजिटल वॉलेट क्रिप्टो करेंसी या अन्य किसी चीज का डाटा स्टोर करता है। और यह एक प्रकार का टोकन ही होता है। इसमें कोई भी व्यक्ति अपनी मुद्रा को बदलने में स्थानांतरण करने में सक्षम रहता है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के प्रकार (Types of blockchain technology) - 

ब्लॉकचेन चार प्रकार की होती है। जो निम्नलिखित हैं - 
  • सार्वजनिक ब्लॉकचेन
  • निजी ब्लॉकचेन
  • कसोटियम ब्लॉकचेन (Casortiam blockchain) 
  • हाइब्रिड ब्लॉकचेन
आइए अब इन्हें थोड़ा डिटेल में समझते हैं - 
 

सार्वजनिक ब्लॉकचेन -  

इस ब्लॉक में कोई भी शामिल हो सकता है। जो इसकी तरफ से अनुमति भी दी जाती है। और यह पूरी तरह से Decentralized तकनीक पर आधारित होता है। इस समय सार्वजनिक ब्लॉकचेन का ज्यादा से ज्यादा उपयोग क्रिप्टोकरंसी में ही किया जाता है।

निजी ब्लॉकचेन -  

निजी ब्लॉकचेन में Decentralized प्राधिकरण की भूमिका होती है। और इसे प्रबंधित ब्लॉकचेन भी कहा जाता है। निजी ब्लॉकचेन तक सामान्य लोगों का पहुंचना लगभग ज्यादा संभव नहीं होता है।

Casortiam blockchain -    

यह ब्लॉकचेन कई संगठनों के बीच चलाई जाती है। और इस ब्लॉकचेन में एक संगठन नहीं होता बल्कि कई सारे संगठनों के समूह होते हैं। निजी ब्लॉकचेन के मुकाबले यह ब्लॉकचेन ज्यादा विकेंद्रीकृत होता है।

हाइब्रिड ब्लॉकचेन -  

हाइब्रिड ब्लॉकचेन में सार्वजनिक ब्लॉकचेन और निजी ब्लॉकचेन में दोनों की समानता है। और यह भी एक संगठन के द्वारा ही नियंत्रित किया जाता है। और सार्वजनिक ब्लॉकचेन के जैसे ही यह सामान लोगों की पहुंच में आसानी से आता है।

निष्कर्ष -  

आज हम लोगों ने सीखा कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है और यह कितने प्रकार की होती है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का नाम कैसे पड़ा और इसके क्या क्या लाभ हैं।
ब्लॉकचेन तकनीक का आविष्कार एवं इसके लाभ क्या क्या है। इसके साथ साथ हम लोगों ने जाना कि ब्लॉकचेन वॉलेट क्या है।

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